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Apr 3, 2009

Election Debate

“Its time for a short break thanks so much for joining us tonight”, as the guests walkout of our studio, I realize the main purpose of this discussion was defeated.

Two leaders from the two main political parties of the country raised their baritones, fought, accused & did everything to prove a point! But what was the point they wanted to prove? Was this a debate? Where were the issues that are affecting the people of this country? Were they addressing the masses or just each other?

This was the first show of our special coverage on Indian Parliamentary Elections 2009. Ironically our esteemed guests still discussed the issues of the elections held in 2004. They are elected by the masses but strangely they address the political classes.

India is no longer a country isolated from the world, every global phenomena impacts its people, whether it is the spill over from the global meltdown or the security threats from most volatile neighboring state. Yet the political class finds it more comforting to discuss religion or castism.

It is convenient to blame the torch bearers of politics for ignoring the issues affecting the masses. But are we not the ones who elect them every time? As the representative of the largest democracy its our responsibility to make it the strongest democracy in the world.

May be then we can see an Indian Obama and Indian McCain debating on a television channel!

3 comments:

ASHISH JAIN said...

निश्चित तौर पर नए रूप में जो सब कुछ voi में चल रहा है वो शानदार है,चुनाव के सम्बन्ध में सच यही ही कि हिन्दुस्तान में इलेक्शन ,सेलेक्शन और करप्शन एक प्रकिया है ,जो अब सिद्धांत बन चुकी है ,यह भी हकीकत है कि पांच साल सरकार चला देने भर वाली सिद्धांतहीन राजनीति की आड़ ने पूरे देश को गन्दा कर दिया है ये एक टीसने वाला सवाल है कि इन हालात के लिए कौन जिम्मेदार है?जिन लोगों पर ये जिम्मेदारी थी कि पर देश में गिरने वाला खून वो अपनी अंजूरी में रोक लें, उन्होंने नफरत के तालाब बनाए, खून की नदियां बहाईं और उनमें अपनी सियासत की नावें दौड़ाईं।

Priyanka :-) said...

This is a great point to dwell on..most channels usually have two politicians fighting over issues that are not related to us... and more than often the media knows how to hype and play for their trp's... am glad finally someone from within the media is taking the initiative to admit that its time to get down to real issues and specifically issues that matter...to you and me...hopefully one day we will see it on indian channels too...instead of 24/7 entertainmnt lets have 60 min of real NEWS...

ASHISH JAIN said...

अलविदा सर ,अपना ख्याल रखना
आखिरकार वही हुआ जिसका डर था ,निशांत सर हम हमारे साथ काम नहीं करेंगे .सच में यही खबर तो मिली थी हमें उस वक्त .....और एक सदमा जिसने voi को एक बड़ा झटका दे दिया ,और सच भी यही की हमारा आचल भी इतना लाल हो गया है की अब पता ही नहीं लग रहा की वो खून है या फिर कुछ और ...... मैं वही पर मौजूद था ,मेरे आँखे इस बात की गवाह बन रही थी की आखिर इस इस व्यक्ति में ऐसा क्या था ? जिसने एक तड़पन हमेशा के लिए छोड़ दी शायद हमारे लिए .......... रात के तक़रीबन 11:00 बज रहे है मैं अपने ऑफिस से घर पर आ चूका हूँ ,लेकिन मैंने अपनी आँखों से देखा है उन लम्हों को जिसे मैं शायद कभी भूल नहीं पाऊंगा,ना तो अब हमें कोई जोक सुनाएगा और न ही कोई जोर जोर से चिल्लाएगा ,वैरी गुड सर - आज पूरा माहोल देखा सर के कभी इतना करीब तो नहीं था लेकिन उन्होंने अपने करीब सब को सोचा था ,मेरे लिए यह पल बिलकुल नया है ,मन न जाने क्यों अपने आप को कटोच रहा है .हकीकत यही है की मैं उनके जाने के वक्त को याद करता हूँ तो अपने साथियों को देखता हूँ और फिर एक गहरी उदासी छा जाती है क्योंकि कल फिर ऑफिस जाना है लेकिन कल कोई हाथ मिलाने नहीं आएगा ,ना ही कल कोई पूछेगा तुने गर्ल फ्रेंड बनाई क्या ?................कई बाते अब कभी नहीं होंगी .न्यूज़ रूम में एक बदलावहोगा वही बोरियत हमारे साथ रहेगी .....मैंने कई लोग देखे जिनकी आँखों में आंसूं देखे है सिर्फ रहेगा परिवार के लिए जो हमारे ऑफिस मैं अब तक बना रहा था ,इस्तीफों का दौर तो चलता रहता है लेकिन ऐसा इस्तीफा जिसने एक परिवार तोड़ दिया .जहा खबरों के बीच कोई अपना भी खबर बन गया .मैंने तो अंत तक उनको अलविदा कहा था ,शायद कोई कसक बाकी रह गई थी .लेकिन अपनों को खोने का दुःख पुरे ऑफिस को हुआ था ..... miss u sir miss u ashish ,vipin ,amit
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